Sad Poetry in Hindi-दर्द भरी कविताएँ

Sad Poetry in Hindi-दर्द भरी कविताएँ


 
मृत आँसुओं का रंग आज बदल गया है क्या दिल के घाव के फटने से कोई टांके लगे थे?


आपके दुःख की किसे परवाह है? वह अपनी किसी बात पर रो रहा होगा


अच्छी हवा की शक्ति ने भी आँसू नहीं बहाए नहीं तो जो भी उसके चरणों में गिरता वह बदनाम हो जाता


हम हमेशा आँसू नहीं बहा सकते इसलिए हम एक साथ जीवन नहीं जी सकते


वह पलकें तोड़कर जमीन पर गिर गया एक आंसू ने मेरे धैर्य का अपमान किया

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